सुया बूढ़ा
–“सुया” खड़िया समाज की विवाह परंपरा से जुड़ा एक अत्यंत महत्वपूर्ण पारंपरिक शब्द है। यह उस व्यक्ति के लिए प्रयुक्त होता है जो विवाह तय कराने और विवाह की विभिन्न प्रक्रियाओं में दोनों परिवारों के बीच मध्यस्थ तथा मार्गदर्शक की भूमिका निभाता है। सुया केवल दो परिवारों के बीच संदेश पहुँचाने वाला व्यक्ति नहीं होता, बल्कि वह खड़िया समाज की संस्कृति, परंपराओं, पारिवारिक संबंधों और विवाह संबंधी सामाजिक नियमों का अच्छा जानकार और विश्वसनीय व्यक्ति होता है।
सुया की भूमिका का सबसे रोचक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण अवसरों में से एक है कन्या के घर आयोजित होने वाला “यो’यो डय (Yo’yo Dy)”। इस अवसर पर सुया केवल मध्यस्थ नहीं रहता, बल्कि वह एक कुशल कथावाचक और दुरंग कड़ की भूमिका भी निभाता है।
« Back to Glossary Index