Khadia Biha

आम कोरे गोइया चंद लेखे योताम, मुरुक बेस ला:ताम, ऊजेगा वो शब्द हेखे र हो चंद लेखे गोइया गा, होकड़ा थोङ्ग कनिया होइना या पहली लाम -लाम पंव हेखे ओड़ उतयगा खड़िया लेबू किया बिहा या: कायोम कथा सुरू होइता । 

जिहाद के दिन मूसा अनिंग शायद अपने लोगों को उकसाना चाहता था कि वे लड़ाई के लिए तैयार हों। खड़िया एसंगते मंगनी ते जंग जंग रे छे लोटा दा जोगाम ते की।

खड़िया एसंगते लोटा दाया थुम।

थाम कुटुम, उमरात थोमसिंग कुटुम, बेट्टी या चोलथामय, बेटाया सूरी सूरी, बेटाया या सांगोडोम भी चोलथामय, नव कुटुम।

नौगुतराहत जिनाहाके, उखे अटके असोरी नौगाते, उमला साथ गातेहा मोन कौंडे ङा ना राजो दोर सांतेके।

जेभरेव की बेटी अवतेज़ चलता की सेभरेव बेटी अमाडोम उमला बेटी अजीडोम डियोम तेज़ोल थारा सुरक्षा रोकूं तो दांत उनको ज़हरीली गोली गोली गिरा काटा गुज़ुंग दें काटा गुज़ुंग ना बात तो क्यों?

गोलांग चाय उत्तेकी चखना न्यूतेकी उब्रंगो खड़ियां की मुसलिंतेगा लोटा दाया कार्यविधि ज़े कार्यक्रम आये होजे मुसलिंतेगा पालगोतेकी कर। लेकिन सिंह एक दिन लौटा दायाखंड होकर आवाना हुई नालाकी रो मैं आते होकर अनर्गीकून गोलागुन नालासीखोमह लाहौज़े होकि अनार्गी गुलांगामना लाखों में अनार्गी गुलांगाम लोडो गारा बारा चाहे एक बजे की तीरे कहानी कथा या अपसिब हुई था उत्तेजना जुगना या ज़हरी कायम कथा की हुई था कहानी कथा।

नागरन बेटा या कुटुंब तीता है होगा है लेबुते रहते कि अकड़नों कहने कथा बारूद गामना सुजे गामना सुजे होगा है लेबुते का राय कौन होगी कहने कथन अगन बेटा या आयुधम अबादम।

उसके लिए, आपका स्थान भी तुरंत जवाब दें, लगातार पूरी तरह गिरने वाले बैल की ओर, आपका स्थान उसकी ओर डोडोमाई झाड़ी का उदाहरण आखडोडोमाई उठाडो लेबु किया जहां विशेष लेबु या असली लेबु बुंग कोई।

उजेक काली बुझिना तुह या बेलुम। डी-डुमसी।

इना नो घाए करनासे जे कथा कहनिया पोकार ते अनिंग सुम बारुदक बुझिना पलतानिन।

अनिंग अनिंग कहनितिन हापसितनिन नो इघा बेटाया कुटुम रो बेटिया कुटुम कहनी ज़ुंगना और एरज़ुंगना कराते की आप सिर्फ तो बेटियां कुटुंग बेटा एकुटुंग तो ज़ुंगते ना आप बेहार रहेंगे और अत्यधिक सिर्फ़ अम्पितुकिले उम्लेकोंगते ला बेटाया कुटुंगामते अगर बेटा गुलुखंदनाहेके ला गामते नो इन्जा अंजिंगिन पॉलुस कुलुहाके, रु इन्जा भुयार पांडेयाहाके।

पांडेयाह तहिन धाली, मानेनोह धिधोली देलकिनी।

होता है रेंगारी रोग उड़े दे डेरा बसा करायेंगे होते हैं बोल जोना इकुन मुश्किल होगी कचकच होगी से भरे एंग होते मेला कौन बालुआ बाहर देलकीन रो होते गा बसेकीन बेटी अकुटुंग गामते लाउते बेराते देलसीपे पेटागामते।

बेतुल्न्या कुम्पुलन इतु, लाह, मनोमा, माना इतु, बेतुल्न्या लाह, अयोधामा, भुयार अथवा आयिन। बेतुल्न्या कुम्पुलन इतु, इनी आयुन्या भुयार, बोंगलोया, कासिर, हेक।

बेतुल्न्या कुदेंगारलाह तक ताहू आपा यांग दिया कताकन गाम्बर माना यांग पालिंग पेंटिंग रोंगी गाम्बर इतु बेटा एक उत्तम तांग को इंजर बुढ़ा-बुढ़ी मने कांडेरों के डोर बुलवा-बाहर को दाते आवताज़र मुस्ने इंजर संगोल खाड़ोनागर की निर्जल की जा रही लाख अखाड़ की नील मोजी ते यो ज़र नो मोंसिक्रा खोता बेलते हैं इंद्र संगल खाड़ों के ओ-ओलोज़ार रो ज़े भरे इंद्र ओ-ओबोने के पूरे की से भरे इंद्र उड़ोगा कीनिर्चुलकीज़ार रो।

हुताताया, होसी क्राया कुंतु तेह, अब्रेजोजार, रो इंजरा ओ ओलोजार, बिट्टी अकुटुंगाम तेह।

सिक्राते अताधारुते अप्रे योबार बेते अकुटुम जीवन आधारुते बेटी अकुटुम गामते सिक्राते अप्रे कोन अतेदोक कोयोबार बेटा एक उत्तम शिक्षा ते आप ब्रेक निजार छायर के मतलब तोंसिल गोना डांडा ते डोको जार आपको उकड़ महागुड़ की से भरे इंजर उकार ते सिहकार एबुन्ना लाम-लाम ना थोंग मेलांगगुत हज़ार बेटी अकुटुंगाम ते नो ला-उकार सिहकार एबुन्ना थोंग अताकिनीहतेहारेकी बेट्टा गामते केउंधिंगी आ किनेरिते लाह आ बेटो दा लाकिही बेरे अत्ते दा उबुतोबार बेट्टा एकुटुंग गामते करी चुंग दैते बेटी कुटु किनी दिया नाक बेरी मुहिबाह।

तेर्लाक्सान डॉक्टोबर नोह उतेह मोहरी मतलब है कि खोड़ी पौधारों खोड़ियां पर्चार चाहे सरपंच लाइसेंस आम आने हुए कि नो प्रचार रोसरपंच की अतिथियां तैरते चिठी अनुमति पत्र हो जाएगा उसे लाइसेंस गम देकर रो लाइसेंस दें यो कुन गा बेटी अकुटुम की लोटा दा या तुम राजिता मा बेटी अकुटुम गा अंते मोहरी अताये लाइसेंस रो राजामंडी कुन गा को एले उ की नितदे डीआरसी ले उकिनिर ते दियाना स्रियाता एलेमोन गुंडरी ते योयो ले पासी दमकिल ले ला गुंडरी लेंगुर की भ्रेकु एले एले सिक्रा ते कागुर्थो ले सिक्रा गुंडरी ते यो यो रो गुंडरी अकुना कुनाम धायो पिछागा पिछागा उकार कुंसिल किया डूरुंग सोल्ते डामगोट की सिब्बरे कोंसिल की सिक्राते अटकी अदौड़ाबुं डालगोठमें।

यह डालो की हिंगाएगा सिक्रा इकुट फ़रफ़राना गुल कराना रो किर्लिना मादा या सेबिरे कोंसेल की सिक्रा ते रु गुथो मा।

सिक्रा होता या लिंगादिल की रो मार्सिला तेत्या या तेलोंग ते डोको की। पत्ते आरेकोन, लोड्वोसिक्रा, मार्सेला टेट्या और अत्यंत डीआरगुड्की लाको उकी को दूरात्तिगा सांगोड़गोठोमें जेग बेरी हुकुम दुरा तेतंग्गा सेबेरी सिक्रा उधुगा उपरी ना किरी ना गुलका ना मदाया लाहुकीर लोधुर दुरा तेती युकुटुमाया।

दुरा ते युकना मतलब हूय गुड की नो बेटाया कुटुम रो बेटाकिर ओते दियार गुड की माय दियार्ना, मतलब दियार्ना अनुमति हूय गुड।

रो उकी लोटा दाया थो झाड़ी राज़ी की में उ कहने बोंगता तय लोटा दाया विधि की होता लाउतान बोंगकाक, हुकुर लाउत, हुकुर, जदी कुंडांग नौगाइट, नाराते, ओलतेकी, गेट-गेट, किचिया, धाबुआ, कुल्ता-कुल्ता, मदैते, किरी १ देबुआह, २ देबुआह, ३ देबुआह, ९ देबुआह मदाए देकी।

मदा नालासिखो मेने, मुदा उभ्रोम, बेलु य अनुसर्गाह केच्चा, गेंट-गेंट दे मदाए देकी।

जेप्रे कुटुमकी गेट-गेट ते केच्च्या मदाय ते की से जेप्रे उदोगा बेटी अकुटुम जंगते नो उदाना या ए जिम्हेके बेटाया कुटुंग गामते उदानाई अंजामिहेके सिरु सिरु या मतलब हैता नो उदानाते ओन्येंग्ना जुकराई बेटिया कुटुंग ओदोगा जुमते ला उदांग अतेजोर मesi विटामिन ई कुटुंब गांव ते वो कोण डेंग जीवन अभूत ते ज़ोर में सी उकड़ा लोड़ो उकी गेठ गेठ ते ज़केचिया मारा शिखमें उज़े कुल्ते में रो बेटी अकुटुंते जी माते में कथा कहने ज़ुंगना भरे अगर कथा कहनी गलत जवाब तेरे की उम्मी सोजे उम्मी सोते से भरे बेटी अकुटुंगी।

जुगा सुया अगुआहौता, जेकुटु, जेकथा कहनीकराते, होकराते, गुनोई गुनाते, कुरतेकी, निमियाघन, पनिसमेंटाघन, होकराते, कुरतेकी ही ना थोंग हो कि ते सही सही जवाब देना ज़ूकू रही उकड़ा लौड़ो उकी गेंद गेंद तेज़ी कैसी आमरा सिखमरा उज़ाक उल्टे मरा मोंग उबार उफ़े इफ़ोन मोलोई डिब्रु थाम थोंग थोंग सिंग उख़े कुलते मैं रो बिट्टी अकुटुम्ते जी माते मैं माका लोडो सुक्का गुदा कादेबो कोंसेल कोपुरो कोंबे ताबे ती जहरी गाह लेलेले न्योते उत्ते माय अलांगदुरांग तक महु, कौ तक महु, रुपान्या बेतुल, या, कौ तुरुत इकुत दिया, बेतुल तक?

लाह, पुला पुन, ख़बर यांग सामा, लोंतार दाह, बेतुल तक? मुदा होदाम होदाम कोदी होदाम होदाम पोदो, चेतेरा होदाम होदाम राइस तेह, अपान अपान तारिकाबुम लेबुकीह, हासी मज़ाकाबुम चेह अपान हुस्बूम इग्हा मोन हो गया है सवाल-जवाब ज़ूंते की एरज़ूंता की रो उब्दिते कहानीते पूरा कराए देकी हिनाथोंग कहानी की होड़म होड़म हुई न पालते मुझ ने खुद कहनी उम्मेगामते मुसगाते ख़मेगा झाड़ते ज़ुहार।

खड़िया बिहा (खड़िया विवाह)

खड़िया समुदाय की पारंपरिक विवाह व्यवस्था, रीति-रिवाज और सांस्कृतिक महत्व

खड़िया बिहा अर्थात खड़िया विवाह, खड़िया समुदाय की सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन-व्यवस्था का एक अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह केवल दो व्यक्तियों का मिलन नहीं, बल्कि दो परिवारों, गोत्रों और समुदायों के बीच सामाजिक संबंध स्थापित करने की एक पारंपरिक प्रक्रिया है। खड़िया समाज में विवाह को पवित्र, सामुदायिक और सांस्कृतिक संस्था के रूप में देखा जाता है।

खड़िया विवाह में परंपरा, रीति-रिवाज, सामुदायिक भागीदारी, गीत-संगीत, नृत्य और सामाजिक नियमों का विशेष महत्व होता है। आज आधुनिकता के प्रभाव के बावजूद खड़िया समुदाय अपने पारंपरिक विवाह संस्कारों और सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखने का प्रयास कर रहा है।

खड़िया समाज में विवाह का महत्व

खड़िया समाज में विवाह केवल व्यक्तिगत संबंध नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी और पारिवारिक सम्मान का विषय माना जाता है। विवाह के माध्यम से परिवारों के बीच आपसी संबंध मजबूत होते हैं और समुदाय की सामाजिक संरचना बनी रहती है।

खड़िया समाज में विवाह को समुदाय की परंपराओं, गोत्र व्यवस्था और सामाजिक अनुशासन के अनुसार सम्पन्न किया जाता है।

गोत्र व्यवस्था और विवाह नियम

खड़िया समाज की विवाह प्रणाली गोत्र (Clan) व्यवस्था पर आधारित होती है। प्रत्येक व्यक्ति अपने पिता के गोत्र से पहचाना जाता है।

मुख्य नियम

  • एक ही गोत्र में विवाह निषिद्ध माना जाता है।
  • विवाह सामान्यतः अलग गोत्र और अलग परिवार में किया जाता है।
  • गोत्र व्यवस्था सामाजिक संतुलन और रक्त संबंधों की शुद्धता बनाए रखने का माध्यम मानी जाती है।

खड़िया समुदाय के प्रमुख गोत्रों में सोरेंग, केरकेट्टा, टेटे, डुंगडुंग, कुल्लू, किरो, बिलुंग, बा और टोप्पो आदि शामिल हैं।

खड़िया विवाह के प्रकार

खड़िया समाज में विभिन्न प्रकार की विवाह परंपराएँ देखने को मिलती हैं। इनमें मुख्य रूप से:

1. पारंपरिक तय विवाह

परिवार और समुदाय की सहमति से विवाह तय किया जाता है। इसमें दोनों परिवारों के बुजुर्ग महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

2. प्रेम विवाह

आधुनिक समय में कुछ स्थानों पर प्रेम विवाह भी स्वीकार किए जाने लगे हैं, हालांकि इसमें भी समुदाय की सहमति महत्वपूर्ण मानी जाती है।

3. सामुदायिक विवाह

कुछ क्षेत्रों में सामूहिक या सामुदायिक विवाह की परंपरा भी देखी जाती है।

विवाह की पारंपरिक प्रक्रिया

1. रिश्ता तय करना

विवाह की शुरुआत परिवारों के बीच बातचीत से होती है। लड़का और लड़की के परिवार आपसी सहमति से संबंध तय करते हैं।

2. मध्यस्थ की भूमिका

कई क्षेत्रों में रिश्ते तय कराने के लिए समुदाय के सम्मानित व्यक्ति या मध्यस्थ की सहायता ली जाती है।

3. सगाई

रिश्ता तय होने के बाद पारंपरिक रीति से सगाई की जाती है। इसमें परिवारों के बीच उपहार, भोजन और पारंपरिक पेय का आदान-प्रदान होता है।

4. विवाह समारोह

विवाह के दिन गाँव और परिवार के लोग सामूहिक रूप से समारोह में भाग लेते हैं। पारंपरिक गीत, नृत्य और सामुदायिक भोज इसका महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं।

विवाह में गीत, नृत्य और संगीत

खड़िया विवाह समारोह में लोकगीत और पारंपरिक नृत्य का विशेष महत्व होता है। विवाह के अवसर पर महिलाएँ और पुरुष सामूहिक रूप से गीत गाते और नृत्य करते हैं।

प्रमुख पारंपरिक नृत्यों में:

  • हारियो
  • किनभर
  • हल्का
  • कुढिंग
  • जाधुरा
  • आधुनिक साइलो

आदि शामिल हैं।

ढोल, मांदर, नगाड़ा और पारंपरिक वाद्ययंत्रों का उपयोग उत्सव को जीवंत बनाता है।

विवाह में पहनावा और आभूषण

पुरुष

  • पारंपरिक धोती
  • गमछा या पगड़ी

महिलाएँ

  • पारंपरिक साड़ी
  • चाँदी, पीतल और धातु के आभूषण

विवाह के अवसर पर पारंपरिक सजावट और सांस्कृतिक वेशभूषा विशेष आकर्षण का केंद्र होती है।

सामुदायिक भोज

खड़िया विवाह में सामूहिक भोज का विशेष महत्व होता है। विवाह केवल परिवार का नहीं, बल्कि पूरे समुदाय का उत्सव माना जाता है।

पारंपरिक भोजन और स्थानीय व्यंजन सामुदायिक एकता का प्रतीक माने जाते हैं।

आधुनिक परिवर्तन

समय के साथ खड़िया विवाह पर आधुनिक समाज का प्रभाव भी दिखाई देने लगा है। आज:

  • शिक्षित युवाओं की भागीदारी बढ़ रही है
  • आधुनिक विवाह व्यवस्थाएँ अपनाई जा रही हैं
  • शहरों में सरल विवाह प्रचलित हो रहे हैं
  • डिजिटल माध्यमों का उपयोग बढ़ रहा है

फिर भी समुदाय अपने पारंपरिक रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक पहचान को सुरक्षित रखने का प्रयास कर रहा है।

सांस्कृतिक महत्व

खड़िया बिहा केवल विवाह संस्कार नहीं, बल्कि खड़िया समुदाय की सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक संगठन और सामुदायिक एकता का प्रतीक है।

यह परंपरा नई पीढ़ी को अपने रीति-रिवाज, भाषा, गीत-संगीत और सामाजिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य करती है।

निष्कर्ष

खड़िया बिहा खड़िया समुदाय की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसकी परंपराएँ सामुदायिक जीवन, गोत्र व्यवस्था, पारिवारिक सम्मान और सांस्कृतिक एकता को दर्शाती हैं।

आधुनिक समय में भी खड़िया समाज अपने विवाह संस्कारों और परंपराओं को सुरक्षित रखने का प्रयास कर रहा है। यह केवल एक सामाजिक संस्था नहीं, बल्कि खड़िया समुदाय की पहचान, संस्कृति और सामुदायिक जीवन का जीवंत प्रतीक है।

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खड़िया समाज की सबसे महत्वपूर्ण भाषा है खड़िया भाषा जिसका अपना समृद्ध इतिहास और साहित्य है।

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